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Important points to know about piles

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Pile is an extremely uncomfortable condition. However, they can also be quite embarrassing when dealing with them. It is quite possible to successfully do a piles treatment with the help of Ayurveda at home.

Natural remedies help to regain intestinal balance and internal health is the efficient way which can resolve existing problems leading to preventing future flare-ups.

Piles are a condition where the veins are completely swollen and inflamed. It develops in or around the anus. They are caused usually due excessive pressure built upon the perineal area.

Women undergoing a later stage of pregnancy, men who perform strenuous, weight-bearing exercises, and people who have poor dietary habits among others, are all susceptible to developing the condition.

Successful Remedy starts with prevention.

People who are going through the issues of piles and looking forward to getting treatment at home should always remember that prevention is the first step towards success.

The things that you do and the way that you must treat your body to avoid a new piles flare-up will also help you to resolve problems that have already arisen.

With piles, prevention starts along with a healthy, high-fiber diet. A continuous effort is required to make certain that the body is always hydrated.

Consuming low amounts of water and a low-fiber diet are consumed, people generally tend to become constipated. The extra effort put in during the bowel movement can exacerbate the symptoms of hemorrhoids which is already existing.

People who are frequently experience hemorrhoids should drink at least half of their body weight least to ensure the bowel movement is smooth.

They should also consume plenty of fresh fruits and vegetables and avoid eating cheese, nuts and nut butter, large servings of red meat, and highly refined or processed carbohydrates. These make the stool tight and cause pain during bowel movements.

Relaxing Soaks And Time Spent Resting

Even standing upright is difficult and painful when going through piles. This is because the weight of the upright body continually exerts pressure on the painful area. Lying flat on the stomach as frequently as possible is the most effective method for resting in this area. Dealing with a flare-up is necessary to avoid placing stress on the anus or perineal area at any time.

Heavy weight lifting, for any reason, is not recommended.

Bathing with warm Epsom salts is another way of providing relief to the area which is affected. This is also a great way which ensures the area is clean and best able to repair itself. Another effective bathtime addition for piles is apple cider vinegar which can be used liberally. After bathing, rather than roughly abrading the area with a towel, allow it to air dry instead.

Yogveda Health Care provides Ministry Of Ayush approved ayurvedic medicines. Over the years we have helped more than 50,000 patients with the medicines.

बवासीर क्या है, जानिए अर्श या बवासीर का इलाज

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मलद्वार में असहनीय तकलीफ, कांटों सी चुभन, मस्से एवं घाव, जलन मलत्याग के समय मलाशय में अत्यधिक पीड़ा और इसके बाद रक्तस्राव, खुजली इसके लक्षण हैं बवासीर का मुख्य कारन है बहुत लम्बे समय तक कब्ज या पैट साफ़ न होना ये बवासीर का मुख्य कारन है तथा मल दुआर के पास की नसों मे सूजन आ जाती है। बवासीर के दो प्रकार होते हैं अंदरूनी और बाहरी। अंदरूनी बवासीर में नसों की सूजन नहीं दिखाई देती है। बाहरी बवासीर में सूजन गुदा के  बाहर दिखाई देती है। इसकी मुख्य बजह लोगो का लम्बे समय तक बैठ कर काम करना है।

बवासीर के लक्षण- 

  • गुदा के पास सूजन रहना तथा छोटे छोटे फोड़े होना उनमे से खून निकलना ।
  • सही से पेट साफ़ न होना ।
  • मल त्याग करते समय रक्त स्त्राव होना तथा जलन महसूस होना।
  • गुदा मार्ग के आस पास खुजली होना तथा सूजन होना।
  • मल त्यागने का मन करना परन्तु मल बाहर न आना।

बवासीर की समस्या से निजात पाने के लिए घरेलू उपचार :

1. हल्दी का लेप लगाएं

सबसे पहले आप कड़वी तोरई के रस को निकाल ले फिर इसे हल्दी मे मिलाकर इसका पेस्ट तैयार कर ले तथा तैयार लेप  को नियमित रूप से मस्सो पर लगाए ये आपके मस्सो को ख़त्म कर देगा।

2. घी और शहद

गाय का घी और शहद दोनों को बराबर मात्रा मे मिलाकर बवासीर के मस्सो पर  लगाए  ऐसा करने से बवासीर बिलकुल ठीक हो जाएगी।

3. नीम

नीम के पत्तो को घी मे भूनकर तथा इसमें कपूर मिलाकर मस्सो पर लगाने से मस्से सूख जायेंगे।

4. पपीता

पपीता को एक लैक्सटिव के रूप मे जाना जाता है जो मल को आसानी से त्याग करने मे सहायता करता है तथा कब्ज से छुटकारा दिलाने मे सहायता करता है।

5. अंजीर

अंजीर को पानी मे रातभर भिगोकर  रखकर सुबह खाने से इस बीमारी मे आराम मिलता है।

6. नींबू के रस का करें सेवन

नींबू मे अदरक और शहद मिलाकर सेवन करें और इस घरेलू नुक्से से भी आपको बाबासीर की बीमारी से राहत मिल सकती है।

7. इलायची

५० ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर भून ले फिर इसे ठंडा करकर बारीक पीस ले अब इसका रोज सुबह सेवन करे ठन्डे पानी के साथ ऐसा करने से आपको बवासीर मे जरूर लाभ मिलेगा।

8. फाइबर युक्त आहार

अच्छी पाचन क्रिया के लिए फाइबर से भरा आहार बहुत जरूरी होता है। जो की बावसीर से छुटकारा दिलाने मे लाभकारी सिद्ध होता है इसलिए अपने आहार में रेशयुक्त आहार जैसे साबुत अनाज, आहार मे ताजे फल और हरी सब्जिया शामिल करें ।

9. असरदार छाछ

दो लीटर छाछ मे ५० ग्राम जीरा मिलाकर स्वादानुसार नमक मिलाने के बाद प्यास लगने पर पानी पीने के स्थान पर इसे पीने से बवासीर के मस्सो से छुटकारा मिलेगा दही का सेवन बवासीर मे बहुत ही फायदेमंद सिद्ध होता है।

10. दालचीनी

एक चमच्च शहद मे १/४ दालचीनी पाउडर मिलाकर रोज सेवन करें ऐसा करने से बवासीर के मस्सो मे जरूर छुटकारा मिलता है।

11. किसमिस

किसमिस को रात को पानी मे भिगो ले फिर इसे सुबह उठकर पानी मे मिलाकर पी ले लेकिन किसमिस को पानी मे मिलाने से पहले बारीक पीस ले ऐसा करने से आपकी बवासीर की समस्या बिल्कुल ठीक हो जाएगी।

12. तिल

१० से १२ ग्राम धुले हुए तिल को मखन्न  के साथ लेना चाहिए ऐसा करने से मलद्बार मे खून आने की शिकायत सही हो जाती है तथा बवासीर मे भी काफी फायदा मिलता है।

13. नीम

नीम की नीबॉडी का पाउडर पीसकर बना ले फिर इस पाउडर को रात मे रखे पानी के साथ मिलाकर पी ले ऐसा करने से बवासीर के रोग मे काफी फायदा मिलता है। नीम का तेल बवासीर के मस्सो  पर लगाने से बवासीर के मस्सो मे काफी लाभ मिलता है।

14. गुलाब की पंखुडियां

गुलाब की पंखुड़ी लेकर इसे ५० मम पानी मे मिलाकर अच्छी तरह से पीस ले फिर इसका तीन दिन लगातर खाली पेट  सेवन करने से बावसीर का सही उपचार किया जा सकता है।

15. एलोवेरा का करें इस्तेमाल

एलोवेरा जेल से बवासीर की  सूजन को काफी हद तक कम किया जा सकता है तथा ये पैट गैस की समस्या को नियंत्रित करता है। एलोवेरा आंतरिक और बाहरी दोनों प्रकार के बवासीर को ठीक करने में लाभकारी होता है। गुदा के बाहर के मस्सों में एलोवेरा जेल को लगाएं और इससे आपको जलन एवं दर्द की समस्या से निजात मिल सकती  है। प्रतिदिन 200 से 250 ग्राम तक एलोवेरा के पौधे को खाएं ऐसा करने से कब्ज की समस्या कभी नहीं होगी।

16.  बवासीर को रोकने के लिए पिएं खूब पानी

आप पानी का पर्याप्त  सेवन कर बवासीर के लक्षण को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। क्योंकि   स्वास्थ्य आहार और पानी की पर्याप्त मात्रा मल त्याग को आसान बनाती है।अच्छी मात्रा में पानी पीने से कब्ज और पेट की अन्य समस्याएं  दूर होती है। इस तरह से आप नियमित रूप से अधिक मात्रा में पानी पीकर बवासीर का इलाज कर सकते हैं। रोगी को सामान्य  रूप से दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए। लेकिन इस बात का ध्‍यान रखें कि इससे अधिक पानी पीना अन्य समस्याऔ को बढ़ा सकता है। इस तरह से आप बवासीर का उपचार कर सकते हैं।[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row]

क्या आप बवासीर की समस्या से परेशान हैं?

नि:शुल्क परामर्श के लिए हमें इस नंबर पर कॉल करें हमारे विशेषज्ञ आपकी मदद के लिए तैयार हैं।

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बारिश के मौसम मैं पैट दर्द से बचे

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बरसात के मौसम मैं पैट मैं दर्द एक आम समस्या है पैट मैं दर्द के मुख्य लक्छड़ ऐठन ,पैट मैं सूजन ,अल्सर, मूत्र इन्फेक्शन , गुर्दे मैं पथरी ,अपच आदि लक्छड़ हो सकते है पैट मैं दर्द के मुख्य कारण एसिड रिफ्लक्स , लूस मोसन , कब्ज होना ,मतली, असंतुलित खान-पान और बहार का खाना भी पैट मैं दर्द के मुख्य कारण है

पेट दर्द का घरेलू इलाज

  गर्म पानी से सिकाई करना सबसे पहले पानी को गर्म करके बोतल मे भर ले बोतल को अच्छी तरह से बंद करें फिर इसे कपडे मे लपेटकर पैट की सेकाई करें इससे पैट मैं ब्लड  का सर्कुलेशन अच्छा हो जाता है जिससे पैट दर्द मे राहत  मिलती है मेथी दाना मैथी दाने को भूनकर पीसकर उसका पाउडर बना ले फिर इसे गर्म पानी मे मिलाकर इसका सेवन करें ध्यान रहे पानी ज्यादा गर्म ना हो पानी को हल्का गुनगुना करें अदरक पैट दर्द को सही करने के लिए सबसे पहले अदरक को छीन ले फिर इसे पतला पतला काट ले उसके बाद इसे पानी मे डालकर उबाल ले अदरक को ३ मिनट तक उबलने दे उसके बाद इससे छानकर इसमें सहद मिलाकर थोड़ी- थोड़ी मात्रा मे ग्रहड़ करें इस को करने से आपको पैट दर्द मे जरूर रहत मिलेगी  केला अगर आपको पैट दर्द की समस्या है तो आप केले का सेवन करना इससे आपको पैट दर्द मे छुटकारा जरूर मिलेगा केला आसानी से पच जाता है साथ ही केले मे पैक्टीन नाम का कंपाउंड होता है जो की पाचन को दुरस्त करता है पपीता पपीता आपके पैट दर्द मे जरूर फायदा करेगा पपीता खाने से आपको अपच  की समस्या नहीं होती है जो की पैट दर्द का मुख्य कारण है पपीता पैट मे एसिड के स्तर को नियंत्रित करता है अत पपीता का सेवन करें जो आपको पैट दर्द मे जरूर फायदा करेगा दही पैट दर्द मे दही आपको जरूर फायदा पहुचायेगा इसे जमने के बाद थोड़ी देर तक रखा रहने दे जिससे इसमें वक्टेरिआ की मात्रा अच्छी हो जाएगी जो की आपके पैट दर्द को सही करेगी मूली पैट दर्द मे मूली का सेवन काफी लाभकारी सिद्ध होता है इसे छीलकर छोटे छोटे टुकड़ो मे काट ले फिर इसमें नमक डालकर इसको खा ले इससे आपको पैट दर्द मे जरूर राहत मिलेगी हींग पैट दर्द मे हींग का सेवन लाभकारी सिद्ध होता है दो ग्राम हींग को पीसकर आधा गिलास पानी मे घोलकर पी ले इससे आपको पैट दर्द मे राहत मिलेगी पैट के  मरोड़े इस घोल को पीने से ठीक हो जायेंगे अनार  अनार मे कई गुडकारी तत्व होते है इसे काले नमक मे मिलाकर खा ले इसे खाने से आपको पैट दर्द मे जरूर राहत मिलेगी अनार खाने से एसिडिटी मे भी जरूर फायदा मिलेगा नीबू नीबू के साथ काला नमक मिलाये फिर इसे आधा गिलास पानी मे मिलाये और पी ले ऐसा करने से आपको पैट दर्द मे जरूर राहत मिलेगी चावल चावल पैट दर्द मे लाभकारी सिद्ध होता है  ये पैट से अत्यधिक फ्लूइड को सोख लेता है वे यह आसानी से पच जाता हैं तथा आपके पाचनतंत्र को राहत देता है सेब का सॉस सेव मे पेक्टिन होता है जो की पैट की समस्या को दूर करता है पके हुए सेव को पीस कर उसका सॉस बना ले  फिर उसे खाये ये आपकी दस्त की समस्या को जरूर सही कर देगा पुदीना पुदीना की ४ से ५ पत्तियों को आधा गिलास पानी मे उबाल ले फिर इसे ठंडा करके पिए इससे आपको पैट दर्द मे जरूर फायदा मिलेगा सौंफ सौफ मे कई पोषक तत्व और पैट को लाभ पहुंचने वाले गुड पाए जाते है यह पैट मे गैस और सूजन मे राहत  देता है इसके लिए एक चम्मच सौफ के बीज आधा कप पानी मे डालकर १० मिनट तक उबाले फिर इसे ठंडा होने के लिए रख दे जब ये  घोल ठंडा हो जाए तो फिर इसे छान ले फिर इसे सहद के साथ मिलाकर पिए दिन

Polycystic Ovarian Disease (PCOD): Cause, Symptoms, And Remedies.

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Polycystic Ovarian Disease  (PCOD) is one of the common diseases. It can be found mostly in women of the age group 12 to 45 years. According to a report, 5% to 10% of women of the mentioned age group face issues with PCOD.   It mainly deals with hormonal differences. As an effect, the polycystic ovarian disease causes problems with menstrual periods in turn making it difficult for a woman to conceive.  The common symptoms which show polycystic ovarian diseases are no ovulation, irregular periods, and acne. Treatment of it is extremely necessary as it leads to diabetes, obesity, and multiple heart-related diseases if not treated well on time.

  What Are The Causes Of PCOD?

Ovaries make female hormones and male hormones in a very small amount called androgens. These help in the development of eggs in ovaries. Polycystic ovary syndrome causes an imbalance of hormones. Androgens are produced in more quantity. This leads to a lack of ovulation, pimples, and extra facial and body hair. In polycystic ovary syndrome, egg follicles do not mature and are released. This leads them to form a cyst in the ovary. The major cause of PCOD is either heredity transmission of diabetes.  

What Are Some Of The Common Signs And Symptoms Of PCOD?

It becomes extremely important to know what are the symptoms of PCOD. It helps to address the issues at the earliest possible and get medication before complexity increases.   Here are the symptoms:-
  • Acne
  • Uncontrollable weight gain.
  • Growth of facial hair.
  • Thinning of scalp hair.
  • Depression
  • Irregularity in their period.
  • Fertility issues.
  In case you go through such issues, it’s advisable to get yourself checked.

Diet And Lifestyle For Improving PCOD issue.

 

With few changes in your lifestyle and diet, you can ensure PCOD issues are cured at a faster pace.

Here are some of the suggestions which you must consider inducting into your life.

Maintain a balance in your exercise:- Exercise is extremely important for a fit and healthy lifestyle. However, if you overdo it, this may cause hormonal imbalance. You must consult your doctor regarding this. Low-stress exercises such as Yoga can be extremely helpful for you.   Managing a good sleep cycle:-  Good sleeping patterns can help to cure lots of medical issues. You should take at least 8 to 10 hours of sleep daily.  Apart from it you should also maintain a sleeping schedule. Try to avoid fatty and oily food when going to bed as these often become the reason for bad sleep quality. Consider taking acupuncture:-  Acupuncture is also an important way to cure PCOD issues. Studies revealed that this helps to increase blood flow in the ovaries, helping in weight loss and increasing the sensitivity towards insulin.   Reduce Stress:-  Regulating cortisol is extremely important for the treatment of PCOD. Doing yoga, reducing caffeine consumption and a good sleep cycle can help you to manage the stress. Maintain Healthy Weight. :-  Maintaining a healthy weight is extremely important. As it helps to maintain your movement in a better way as well as help reduce stress and depression as well.   One needs to change the food habits as well in order to cure PCOD. Consumption of whole food is important. These don’t have artificial sugars and preservatives. Unprocessed and natural food helps to deliver maximum vital minerals which are needed by the body. Adding these to your diet will definitely help you.
  • Fruits
  • Vegetables
  • Whole Grains
  • Legumes
Without hormones and preservatives, your endocrine gland can function well to provide a cure to your body.

Cure PCOD issues using Ayurveda.

Herbal medicines can help you recover from Polycystic Ovarian Disease and cure it of the core. But, ensure you take 100% genuine medicines which are made naturally. Yogveda Health Care is one of the Ayush Ministry-approved ayurvedic medicine providers. We have successfully helped patients of PCOD to get cured. If you

How To Treat Gallstones by Ayurvedic Medicine?

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Pittashmari is also known as Gallstone. The most common disorder of the binary tract is the formation of gallstones. The process from which gallstone is formed called cholelithiasis in medical science. The issue of gallstones is common in both males and females, but their generality is much more in mid-aged females. The evolution of gallstones is mainly caused by congestion and obstruction in the flow of bile. Mostly factors like bad food habits, body weight, and genetic vulnerability undoubtedly play a supreme role in the generation of gallstones. There are many ways to treat Gallstones, but Ayurvedic treatment is the most natural way to cure gallstone problems without harming your body or any internal organs. Ayurvedic medicines are formed by natural herbs, plants, and spices, which means ayurvedic treatment is most natural, effective, and unharmful. As stated by Ayurveda, three doshas are. Vata, pitta, and Kapha play a role in the generation of gallstones. The overindulgence increase of pitta (caused by hot, spicy food, alcohol, etc.) generates the basis for stone formulation. Kapha added by fatty foods mixes with pitta and formulate a bad sticky mixture. Vata dries this sticky mixture and structures it into the shape of a stone. Treatment of Gallstones in Ayurveda addresses the most root cause with customized medicines along with natural diet, exercise, and Lifestyle. Are you looking for the Gall bladder stone treatment? While there are multiple options to get rid of it, the best way is Ayurveda by Yogveda Health Care. It doesn’t only remove the stone but helps to eliminate its cause. There are primarily two medicines for curing the GallBladder Stone. One is called Crystal Cure Powder and the other one is Rouhi Syrup. The combination of these two medicines helps to balance the doshas which cause gallstone.  The intent of the medicine is to impact the root cause.

Causes Of A GallStone?

The increase in Pitta ( Digestive Fire), reduction in Vata ( body movement), and unstable Kapha ( Water and Earth) is the cause of gallbladder stone. The herbs which form crystal powder include gokhru, Punarnava, Chitrak, Pasanbhed, etc. It helps to dissolve the gall bladder stone and reduces the risk of stone generation by curing its root cause. Ayurveda treatment using herbal preparation works on the root cause. During treatment follow a proper diet and change lifestyle to dissolve the gallstones. The herbal preparations of Rouhi Syrup detoxify the liver and gallbladder to restore their functions and help in dissolving Gall Stone.

Some Points To Know While Taking Ayurvedic Medication.

  1. Ayurvedic treatments directly affect the root cause of the problem.
  2. One needs to follow a proper diet and lifestyle for faster results.
  3. The herbal preparation of rough Syrup detoxifies the liver and gallbladder which helps to restore its function.
  4. The medication by Yogveda not only helps to get rid of stone but also increases the metabolism of the body.
These

Health conditions obstacles in weightloss efforts

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Struggling with reaching your weight loss goals? Are you gaining weight despite your best efforts in the gym exercising and following a disciplined weight loss diet plan? You should get yourself checked for health conditions that could derail your efforts.Daily exercises and a healthy diet may not be enough to lose weight or stop weight gain, say fitness experts. If you suffer from any of below mentioned health conditions,

Advantages of Amla in Weight Loss

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Indian gooseberry or amla is undeniably a powerhouse of nutrients. The essential minerals and vitamins that it contains, are not only integral to our body’s well-being, but also indispensable to preventing and managing some of the most common and widespread diseases. It is edible and contains a good amount of Vitamin C. Being

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